Dhanteras ki Aarti in Hindi, Aarti of Lord Dhanvantri for Dhanteras in Hindi

Dhanteras ki Aarti in Hindi, Aarti of Lord Dhanvantri for Dhanteras in Hindi
By Reeta Bunker | September 15, 2020
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Dhanteras ki Aarti in Hindi 3

If you are searching about the Dhanteras Aarti then you are at the best place. In this article we mentioned the details about the Dhanteras ki Aarti in Hindi . Learn the aarti and sing at the time of worshiping. Also here we mentioned some details about the dhanteras and diwali. If you are interested in this article then you have to read the given below article and also learn the dhanteras aarti.

Dhanteras ki Aarti in Hindi 1
Dhanteras ki Aarti in Hindi:

Before you doing the aarti you have to do the worship of Maa Lakshmi and Lord Kubera. Prepare all the product which you need for the worship. It is that festival, totally it is running for 5 day. That is called the festival of Diwali. Diwali is the India’s biggest and auspicious festival. After the 15 day of diwali Tulsi Vivah comes and that is the most auspicios day in whole year for wedding. The day of dhanteras and diwali you can buy any of the product in any of the time. Because both the days are the auspicious for purchasing. After the worship of Goddess Lakshmi and Lord Kubera, Maa Lakshmi stops in our house for a year. The meaning of the Dhanteras is Dhan “wealth ” also called money, Teras “Thirteen”. It means that we celebrate the festival of diwali in the month of Kartika on thirteenth day.

Dhanteras ki Aarti in Hindi 2
Aarti of Lord Dhanvantri for Dhanteras in Hindi:

happy dhanteras greetings
happy dhanteras greetings

In the given below article we mention the Aarti of Lord Dhanvantri for Dhanteras in Hindi. Read the given below article:

उम नामो धनवंतरी देव; नमो नामो धनवंतरी देव;

विष्णु स्वरुप जी तोहरा वंदन; स्वीकाओ जग का अभिनंदन;

अभिनंदन तोहरा अभिनंदन (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

सागर मंथ से जग मी आये; अमृत ​​कलाश भी आप-हू लाये;

गल वैकुंठी पीतांबर ओदे; विपदा जानू आये दौरे दौरे;

दौरे दौरे आये तुम दौरे दौरे (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

सावन वार्न औ ‘लम्बी भुजायिन; जगमग जगमग चेरोन डिशयेन;

एक भुजा मी शंख-हाय साजे; डूजी भुजा सांग चक्र वीराजे;

चक्र वीराजे तोहर चक्र वीराजे (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

नीलकंठ और रक्ता-हाय नेत्रा; तेज प्रताप से जेज सब क्षेत्र;

केश साजे और कानन मी कुंडल; दमके सरा आधा मंडल;

आभा मंडल दमका आधा मंडल (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

मोहिनी बान असुरन को छकायो; डेवन को ओरोजा पुन्हा दीलायो;

कैसी लीला प्रभु आप दिखेयी; सागर रतन बनू जगद चौंकयी;

जगद चौंकयी तुम जगद चौंकयी (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

तुम आयुर्वेद जगद को दीन्हा; पीरहित रोगन से मुक्ति किन्हा;

रोग उपचा के तुम हो स्वामी; स्वराग लोक के तुम अमृत नामी;

अमृत ​​नामी तुम अमृत नामी (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

जरा रोग के आप-शिक भक्षक; आपन जन के आप-हुन रक्षक;

आचा स्वस्थ आप-हुन बनवो; श्रीमती भया से आप-शिक बचाओ;

आप-शिक बचाओ प्रभु आप-शिक बचाओ (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

तुम्को जो जान रोज ध्याव; रोज काश्त कही निकत ना आवे;

तुम्त्री जो नीती आरती गाव; सुख समृद्धि फाल सदा वो पाव;

सदा वो पावे फाल सदा वो पाव (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

विंथी कार्त है तुम्हेर संमुख; श्रीमती लोक से करो दुर दुख;

मंगलाशीश से राखो अपने पासा; सब जन तुम्हे चर्नन के दासा;

चर्नन के दासा तोहर चर्नन के दासा (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

दास प्रदीप रची आरती तिहारी; सब जन सुख दो वह बालीहाड़ी;

हाथ जोर करीन आरती तुम्हेरी; काश्त हरो सबके पालन्हारी;

पालानाहारी सबके पालन्हारी (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

आयुर्वेद से करीन जन सेवा; जय जय जय धनवंत देव;

जग काल्यानी बांटो तुम मेवा; जय जय जय धनवंतरी देव;

देव हो देव धनवंत्री देव (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

उम नामो धनवंतरी देव; नमो नामो धनवंतरी देव;

विष्णु स्वरुप जी तोहरा वंदन; स्वीकाओ जग का अभिनंदन;

अभिनंदन तोहरा अभिनंदन (2); नमो नामो धनवंतरी देव;

ओम धनवंतारा नमः ~ ओम धनवंतारा नमः

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